महासमुंद की छात्रा रागनी साहू का इंटरनेशनल मून मिशन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर चयन

0
7
महासमुंद की छात्रा रागनी साहू का इंटरनेशनल मून मिशन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर चयन

महासमुंद 10 जुलाई 2026 : महासमुंद जिले के लिए यह अत्यंत गर्व एवं ऐतिहासिक क्षण है। शासकीय आशीबाई गोलछा कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, महासमुंद की छात्रा रागनी साहू का चयन अंतर्राष्ट्रीय चंद्र मिशन शक्तिसैट के लिए नेशनल फाइनलिस्ट के रूप में हुआ है। इस प्रतिष्ठित सूची में जगह बनाने वाली रागनी महासमुंद सहित पूरे छत्तीसगढ़ की इकलौती छात्रा हैं।

इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने छात्रा रागनी साहू को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने इस सफलता का श्रेय छात्रा की प्रतिभा, परिश्रम एवं विद्यालय द्वारा प्रदान किए गए गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन को देते हुए शासकीय आशीबाई गोलछा कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य जी.आर. सिन्हा तथा अटल टिंकरिंग लैब के प्रभारी एवं भौतिकी व्याख्याता चंद्रशेखर मिथलेश के सतत मार्गदर्शन, प्रशिक्षण एवं प्रेरणादायी प्रयासों की सराहना की।

इसे भी पढ़ें :-ऑटो डायवर्सन व्यवस्था से राजस्व सेवाओं में आई पारदर्शिता, नागरिकों को मिल रही बड़ी राहत

कलेक्टर ने कहा कि जिले की यह उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी बी.एल. देवांगन एवं जिला मिशन समन्वयक रेखराज शर्मा ने भी रागनी साहू को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।

इस वैश्विक अभियान में भारत से प्रत्येक राज्य के चुनिंदा विद्यार्थियों सहित ’केवल 20 राष्ट्रीय फाइनलिस्ट का चयन किया गया है, जिसमें रागनी ने कड़े राष्ट्रीय मूल्यांकन और साक्षात्कार को पास कर अपना स्थान पक्का किया है। रागनी साहू ने वर्ष 2025 में अपने स्कूल की अटल टिंकरिंग लैब के माध्यम से इस मिशन में पंजीयन कराया था।

चयन प्रक्रिया के दौरान उन्होंने लगभग 120 घंटे की ऑनलाइन प्रशिक्षण श्रृंखला के अंतर्गत 21 विस्तृत मॉड्यूल तथा 550 से अधिक स्पेस, सैटेलाइट, विज्ञान, नवाचार और इंजीनियरिंग आधारित लेसन सफलतापूर्वक पूर्ण किए। इसके बाद तकनीकी मूल्यांकन एवं राष्ट्रीय स्तर के साक्षात्कार में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए उन्होंने यह मुकाम हासिल किया।

मिशन शक्ति सेट एक अंतर्राष्ट्रीय चंद्र सैटेलाइट मिशन है, जिसमें भारत के अलावा अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, फ्रांस सहित विश्व के 108 देशों के छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं। इस ऐतिहासिक मिशन के अंतर्गत विद्यार्थियों द्वारा दो चंद्र उपग्रह विकसित किए जाएंगे। इनमें से एक उपग्रह चंद्रमा की कक्षा में स्थापित होकर परिक्रमा करेगा, जबकि दूसरा रोवर चंद्रमा की सतह पर उतरकर वैज्ञानिक प्रयोग करेगा।

इसे भी पढ़ें :-मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल से पामगढ़ क्षेत्र को बड़ी सौगात

रागनी साहू आगामी 22 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश) में आयोजित 8 दिवसीय नेशनल वर्कशॉप में भाग लेंगी। इस कार्यशाला का औपचारिक शुभारंभ 23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर किया जाएगा।

कार्यशाला के दौरान रागनी को इसरो व प्छ-ैच्।ब्म के वैज्ञानिकों, भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला और विभिन्न देशों के अंतरिक्ष विशेषज्ञों से सीधा संवाद और मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। विद्यार्थियों द्वारा विकसित इन उपग्रहों का 11 अक्टूबर 2026 (अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस) के अवसर पर आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से इसरो द्वारा प्रक्षेपण किया जाएगा।

यह मिशन अटल इनोवेशन मिशन, नीति आयोग से सम्बद्ध है। इस वैश्विक पहल का संचालन स्पेस किड्ज इंडिया की संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. श्रीमती केसन के नेतृत्व में किया जा रहा है। विंग कमांडर जाया तारे (रिटायर्ड) इस मिशन की भारत की राष्ट्रीय राजदूत हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here