रायपुर, 19 अप्रैल 2026 : छत्तीसगढ़ में सहकार से समृद्धि की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इसी कड़ी में रेंगाकठेरा में नवगठित सेवा सहकारी समिति के वर्चुअल उद्घाटन के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ के प्राधिकारी शशिकांत द्विवेदी ने कहा कि यह ऐतिहासिक कदम साबित होगा।
गौरतलब है कि प्रदेश की 515 नवगठित सेवा सहकारी समितियों का वर्चुअल उद्घाटन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और सहकारिता मंत्री केदार कश्यप द्वारा किया गया।
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प्राधिकारी शशिकांत द्विवेदी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में पूरे देश में नई सहकारी समितियां बनाई जा रही हैं। छत्तीसगढ़ में अब तक 2573 सेवा सहकारी समितियां बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि पहले पैक्स और लैम्पस केवल खाद-बीज की आपूर्ति और ऋण देने का काम करती थीं, लेकिन अब ये बहुउद्देशीय सेवा सहकारी समितियां बन गई हैं।
इन समितियों के माध्यम से किसानों को खाद, बीज और ऋण की सुविधा के साथ-साथ कॉमन सर्विस सेंटर के जरिए 54 प्रकार की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। इनमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, टिकट बुकिंग, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, खसरा-नक्शा, जन औषधि केंद्र, पेट्रोल पंप और गैस एजेंसी जैसी सेवाएं शामिल हैं।
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द्विवेदी ने बताया कि पैक्स के कंप्यूटरीकरण से पारदर्शिता बढ़ रही है और देशभर में 73 हजार से अधिक पैक्स को डिजिटलीकरण से जोड़ा जा चुका है। सभी पैक्स को प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, ताकि किसान कृषि में नवाचार अपनाकर समृद्ध बन सकें। महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी सहकारिता विभाग सक्रिय है। दुग्ध, मत्स्य और कृषि विपणन सहकारी समितियों के माध्यम से लखपति दीदी और सारथी दीदी जैसी योजनाओं से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा रहा है।
राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय जैविक सहकारी समिति, राष्ट्रीय बीज सहकारी समिति और राष्ट्रीय निर्यातक सहकारी समिति जैसी नई संस्थाएं गठित की गई हैं। सहकार टैक्सी और सहकार बीमा जैसी योजनाओं से युवाओं और महिलाओं को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। अर्बन को-ऑपरेटिव बैंकों ने एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की आय का रिकॉर्ड बनाया है। शशिकांत द्विवेदी ने कहा कि सहकारिता के इस विस्तार से न केवल सहकार से समृद्धि का सपना पूरा होगा बल्कि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को भी बल मिलेगा।








