बालोद/पीपरछेड़ी : शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पीपरछेड़ी में बच्चों के द्वारा शिक्षक दिवस का आयोजन किया गया इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सेवानिवृत्ति पूर्व प्रभारी प्राचार्य यू एल देशमुख को बुलाया एवं सेवानिवृत्ति व्याख्याता एच के चौधरी सर और शिक्षक एस के देशमुख सर को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्राचार्य एम एल सरवा सर ने किया।इस अवसर पर बच्चों के द्वारा सभी शिक्षकों को सम्मानित किया गया एवं विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समस्त विद्यालय स्टाफ उपस्थित थे एवं शिक्षकों द्वारा बच्चों को आशीष वचन भी प्रदान किया गया।
बाल विवाह की कुरीतियों को दूर करने अपनाया जा रहे विभिन्न तरीके
वहीं बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करने तथा बाल अधिकारों के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पिपरछेड़ी, विकासखंड बालोद, जिला बालोद में शिक्षक दिवस के अवसर पर “बाल विवाह के रोकथाम में शिक्षकों की अहम भूमिका – एक परिचर्चा” विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य महोदय सार्वा सर ने बाल विवाह के दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बाल विवाह बच्चों के शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और उनके भविष्य पर गंभीर प्रभाव डालता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल शिक्षा देने का कार्य नहीं करते, बल्कि वे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रत्येक शिक्षक को अपने विद्यालय एवं समुदाय में बाल विवाह के विरुद्ध जागरूकता फैलाने के साथ-साथ बच्चों को उनके अधिकारों की जानकारी देनी चाहिए।
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कार्यक्रम में भूतपूर्व प्राचार्य महोदय यू. एल. देशमुख सर ने भी बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण को लेकर विशेष जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि बाल विवाह को रोकने के लिए परिवार, विद्यालय, समुदाय, पंचायत एवं प्रशासन को मिलकर कार्य करना आवश्यक है। उन्होंने बच्चों की शिक्षा को बाल विवाह रोकथाम का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए कहा कि बच्चों को कम उम्र में विवाह के बजाय शिक्षा, कौशल विकास और अपने सपनों को पूरा करने का अवसर मिलना चाहिए।
परिचर्चा के दौरान बाल विवाह से होने वाले शैक्षणिक, सामाजिक, स्वास्थ्य एवं मानसिक दुष्प्रभावों, बाल अधिकारों तथा बाल विवाह रोकने में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। विद्यार्थियों को बाल विवाह के विरुद्ध आवाज उठाने तथा अपने आसपास होने वाले बाल विवाह की जानकारी संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों एवं विभागों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं, विद्यार्थियों एवं अन्य गणमान्यजनों की सक्रिय सहभागिता रही। सभी ने मिलकर बाल विवाह मुक्त समाज एवं बालोद जिला बनाने के लिए जागरूकता फैलाने और सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया, तथा बाल विवाह रोकथाम के लिए चाइल्ड हेल्प लाइन 1098 और पुलिस प्रशासन 100 में संपर्क कर तत्काल शिकायत दर्ज करवा कर सकते है।
“आइए, हम सब मिलकर बालोद जिले को बाल विवाह मुक्त बनाएं।”









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