वर्चुअल कार्यक्रम में प्रधानमंत्री सिकलसेल के प्रति जागरूकता और इलाज की सुविधा पर चर्चा करेंगे

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In the virtual program, the Prime Minister will discuss awareness and treatment facilities for sickle cell

रायपुर, 15 जून 2024 : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 19 जून को विश्व सिकलसेल दिवस पर देश के विभिन्न राज्यों में सिलकलसेल के प्रति जागरूकता और इस रोग से पीड़ित मरीजों से वर्चुअल चर्चा करेंगे, इसके मद्देनजर छत्तीसगढ़ में भी तैयारियां की जा रही है।

आदिम जाति विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य के बस्तर, बलरामपुर-रामानुजगंज एवं रायपुर में टू-वे-कनेक्टिविटी की व्यवस्था करने तथा शेष जिलों में वन-वे-नेटवर्क कनेक्टिविटी से जुड़े रहने के निर्देश दिए गए है। इसके अलावा सभी कलेक्टरों, सहायक आयुक्तों एवं परियोजना प्रशासकों को पत्र जारी कर आवश्यक तैयारी करने के निर्देश दिए हैं।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश में सिकलसेल के लिए राष्ट्रीय स्तर का रिसर्च सेंटर प्रारंभ करने के लिए केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए है।

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विश्व सिकलसेल दिवस के अवसर पर आदिम जाति विकास विभाग द्वारा राज्य के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, उप स्वास्थ्य केन्द्रों, ग्राम पंचायतों, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों, विभागीय छात्रावास-आश्रमों तथा अन्य आवासीय विद्यालयों में सिकलसेल स्क्रीनिंग एवं जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।

पोस्टर, बैनर एवं वीडियो आदि के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किए जाने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए है। इन शिविरों में स्थानीय जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
क्या है सिकलसेल रोग

सिकलसेल एक आनुवांशिक रोग है। इसमें गोलाकार लाल रक्त कण (हीमोग्लोबिन) हंसिये के रूप में परिवर्तित होकर नुकीले और कड़े हो जाते हैं जिसके कारण शरीर की सभी कोशिकाओं तक पर्याप्त मात्रा मे ऑक्सीजन पंहुचने का काम बाधित होता है। ये रक्त कण शरीर की छोटी रक्त वाहिनी (शिराओं) में फसकर लिवर, तिल्ली, किडनी, मस्तिष्क आदि अंगों के रक्त प्रवाह को बाधित कर देते हैं। इसलिए समय पर इसका इलाज बहुत जरूरी है।

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