रायपुर, 13 अक्टूबर 2026 : ग्रामीण अंचलों में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के साथ-साथ किसानों और ग्रामीणों की आय में इजाफा करने के उद्देश्य से धमतरी जिले में एक बेहद प्रभावी और दूरगामी पहल की गई है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में वीबी-जी रामजी योजना के माध्यम से 5.01 करोड़ रुपये की स्वीकृत लागत से 80 से अधिक निजी डबरी और तालाब निर्माण कार्यों को हरी झंडी दी गई है।
योजना के तहत 80 निजी डबरी निर्माण के लिए 2.35 करोड़ रुपये तथा निजी तालाब निर्माण के लिए 2.66 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। यह दूरदर्शी कदम न केवल वर्षा जल संचयन की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा, बल्कि स्थानीय परिवारों के लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता का नया मार्ग भी प्रशस्त करेगा।
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ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने में जल की उपलब्धता की बुनियादी और सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होती है। वर्षा के पानी का समुचित संग्रहण होने से खेतों में नमी बनी रहेगी, शुष्क मौसम में भी फसलों को आवश्यकतानुसार सिंचाई मिलेगी और भू-जल स्तर में निरंतर सुधार होगा। निजी डबरी और तालाबों के निर्माण से हितग्राहियों को अपनी ही भूमि पर जल संग्रहण की स्थायी सुविधा मिलेगी, जिससे प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ-साथ कृषि गतिविधियों को नया जीवन प्राप्त होगा।
पारंपरिक खेती के साथ-साथ ये जल संरचनाएं ग्रामीणों के लिए पूरक व्यवसायों के जरिए अतिरिक्त आय का एक बड़ा और मजबूत जरिया बनेंगी। उपयुक्त जल गहराई, गुणवत्ता और उपलब्धता वाले तालाबों में मत्स्य पालन की अपार संभावनाएं विकसित की जा रही हैं।
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इसके अलावा अनुकूल भौगोलिक परिस्थितियों में सिंघाड़ा एवं मखाना उत्पादन जैसी लीक से हटकर खेती को अपनाकर किसान अपनी आय के स्रोतों में विविधता ला सकते हैं। इन गतिविधियों के सफल संचालन के लिए गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज, आहार प्रबंधन, जल परीक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन के साथ-साथ बेहतर बाजार जुड़ाव पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इन बहुआयामी प्रयासों से न केवल स्थानीय बाजारों में आपूर्ति बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन जैसे क्षेत्रों से जोड़कर रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
इन परिसंपत्तियों के दीर्घकालिक उपयोग और रखरखाव पर जोर देते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा ने कहा कि वीबी-जी रामजी योजना के तहत डबरी और तालाब निर्माण की स्वीकृति ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।
प्रत्येक जल संरचना का उपयोग वहां की मिट्टी, जल उपलब्धता और स्थानीय जरूरतों के आधार पर तय किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों की उच्च गुणवत्ता, समयबद्धता और उपयोगिता पर विशेष ध्यान देते हुए इन परिसंपत्तियों को धमतरी के ग्रामीण विकास और आर्थिक आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव बनाया जाएगा।
धमतरी में वीबी-जी रामजी योजना का यह एकीकृत मॉडल जल संरक्षण और ग्रामीण आजीविका के विस्तार का एक उत्कृष्ट उदाहरण पेश करता है। प्रभावी क्रियान्वयन, निरंतर तकनीकी मार्गदर्शन और बाजार से सीधे जुड़ाव के माध्यम से यह योजना आने वाले समय में जिले के अनगिनत ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर में गुणात्मक और स्थायी बदलाव लाने के लिए पूरी तरह तैयार है।








